Sunday, 29 May 2016

19 May 16 to 29 May 16 ✍ ✍ 150 to 169

Date 29-05-2016
169. तेरे लफ्जों 👄ऒर नजर 👁के घायल है एक दिल❤ दुसरे हम😇, चुप🙊 रहकर "अभि" तडपाओ ना 😘 😘 😘
+++++++
168. "अभि" 😡नाराजगी तो तेरे "claim" से है, तुझसे मोहब्बत 😘 तो आज भी उतनी ही करता हूं,  जितना अपने आप से भी नहीं 😘 😘 😘
+++++
167. राह भटक गया मैं उसे देखकर, "अभि" ऒरों को क्या राह बताऊं 😜 😜 😜  ✍
Date 27-05-2016
166. "श्याम" अब आ भी जाओ 😄 "जीत"😄   गये हम, "अभि" ना तडपाओ इस तरह हमें, बिछडे हुऐ तो समय हो गया तुम्हें 😘 😘 😘 ✍
Date 26-05-2016
165. मुस्कुराना तेरा स्वभाव ही सही, 😎 पर खयालो मे मत मिला करो,  "अभि" बात करने का मन बहुत है तुमसे, कभी राहो मे अकेले 🙆🏼भी मिल जाया करो 😘 😘 😘✍
+++++++
164. अब नहीं मिलेगा यूं टूटकर मोहब्बत 😘  करने वाला तुम्हें, ढूंढ लो जमाने मे "अभि" दोबारा ना मिलेंगे हम 😄 😄 😄 ✍
++++++
163. शरमा लो तन्हाईयों में, जब भी मिलो तो लिपट जाना हमसे, "अभि" यूं दूरियां अच्छी नहीं 😘 😘 😘✍
Date 23-05-2016
162. अन्दाज - ए - "अभि" ना पुछ "सांवरे", तू तो सब जानता है 😜 😜 😜✍
Date 21-05-2016
161. "अभि" जाना ना पर उसने "जान" लिया✍
+++
160. बुरा हूं पर वो ये बात मानती क्यू नही चाहत का आलम है ये उसका,
कि वो किसी को जानती नही,मान जाती है मेरी एक हंसी पर,
"अभि" बुरा हूं कितना, पर ये मानती नही 😜 😜 😜 ✍
+++++
159. मेरी चाहते तुमसे अलग कब हे, दिल की बाते तुमसे छिपी कब हे , तुम साथ रहो दिल मे धङकन की तरह, "अभि" जिन्दगी को सांसो कि जरूरत हि कब है 😘 😘 😘 ✍
+++++
158. कल की रात कब निकली पता ही नहीं चला, "अभि" बहुत याद आरहा है हाथों में हाथ ओर तेरा 😄  मुस्कुराना 😘 😘 😘✍
Date 21-05-2016
157. अजनबी हो जाऊ फिर से,"अभि" फिर से जिन्दगी जीना है ....😄 😄 😄 ✍
Date 20-05-2016
156. तुम्हें पा नहीं सका इसलिए ज़िन्दा हूं, पा लेता तुम्हें यदि "अभि" हालत बंया नहीं होते 😄 😄 😄✍
++++++
155. झुठ तेरे इतने है कि हकीकत भी बयांकरे तो "अभि" यकीन नहीं कर पाउंगा मैं 😊 😊 😊✍
++++++
154. तेरे लिये मुकद्दर से लड कर जीत भी लू, पर "अभि" अपनो को हारना नहीं चाहता 😘 😘 😘 ✍
+++++++++
153. मांग थे दोस्त मैने ये तो "अभि" भीड़ जमा हो गयी, हे "श्याम" दुश्मन दूर कर, तो ये क्या पीछे देखा तेरे सिवा कोई ओर नहीं .... 😄 😄 😄 ✍
+++++++
152. "अभि" तो तू ही मिल जा, अन्त में तो "श्याम" मिल ही जायेगा 😘 😘 😘 ✍
Date 19-05-2016
151. बात खमोशी से तो मैं भी कर लू, पर आंखों पर "अभि" जमाने का पहरा है 😘 😘 😘✍
+++++
150. मन शांत है मेरा "अभि", तुफान बनकर उठने की ठानी नहीं मैने 😄 😄 😄

No comments:

Post a Comment