Tuesday, 29 May 2018

155

155. झुठ तेरे इतने है कि हकीकत भी बयांकरे तो "अभि" यकीन नहीं कर पाउंगा मैं 😊 😊 😊✍

Monday, 28 May 2018

26

26. छोटी सी जिन्दगी में, जी लो सारे रंग
कभी मैं रूठू कभी तुम, अाईना देख मुस्करा देंगे कभी हम कभी तुम।।
जीत मिलेगी तो, कभी गम, जिन्दगी की यादों को सजायेंगे संग
"अभि" ही जी लो जिन्दगी को, कभी हम कभी तुम॥

269

269. नम्रता "अभि"  वाणी में हो जनाब,  कोट तो केटरिंग वाले भी पहन लेते है।

Sunday, 27 May 2018

179

179. तुझे देखते ही देखते याद आ जाता है, कि "अभि" हमें भी कोई देख रहा है...😜 😜 😜

181

181. खेल खेल लिया या "अभि" ओर खिलोने बाकी है 😜 😜 😜

Saturday, 26 May 2018

176

176. हूं अकेला साथ ले लो,भटक गया "अभि" तो दोबारा न मिलुंगा 😜 😜 😜

178

178. ना देख कातिल अदाओं से इस तरह, विचार बदल गया "अभि" तो कयामत आ जायेगी 😄 😄 😄

Friday, 25 May 2018

135

135. अनुभव बहुत दिये तूने, "अभि" तुझे क्या नाम दे "जिन्दगी" या ....... "तुम" 😜 😜 😜

139

139.उस बेईमान को भी "वफादार"😄  "ईमानदार" चाहिये .......😜 😜 😜,  दस्तुर-ए-जमाने का "अभि" समझ नहीं पाया 😜 😜 😜

140

140. तेरे दीदार पर मर गये हम उसी दिन, जब तुमने कहा था 😍  "अभि" तुम मेरे हो 😘 😘 😘

Thursday, 24 May 2018

203

203. नज़र में मेरी सादगी हैं ये तो वो अच्छे से जानती है "अभि" उसने गौर से देखा नहीं शायद...

208

208. शब्दों को समझने का, मिला कर पढने का हुनर तो होगा,"अभि" कोशिश कर लो तुम..... समझने का.....

Sunday, 20 May 2018

A-175

A-175. कब सीखूंगा चेहरा देखकर बात करना, "अभि" कॊन खंजर हाथ में लिये जानता नहीं 😄 😄

194

194. समझ लो मेरा तरीक़ा ही
चला था जिस रास्ते पर चल सका ना
जानते हुए भी रुक सका न मैं
किया तुने जो काम शाबासी से
समझ न सका मैं गया दब
जानती थी पहले ही सब, अब जा
थी दीवानगी मेरी इतनी जान सका न
जानती थी ना तुम आगे
था जो झुठा सच्चा सब "अभि" मैं जान गया

207

207. कोन हो तुम? मेरे लिये ही, "अभि" यह कहने में तुमने बहुत देर कर दी ना......

Saturday, 19 May 2018

Anand Mishra

*'खुदगर्ज की बस्ती में, एहसान भी एक गुनाह हैं,*

*जिसे तैरना सिखाओ, वही डुबाने को तैयार रहता हैं.*
*🙏पं आनन्द मिश्रा🙏*

Anand Mishra

*'खुदगर्ज की बस्ती में, एहसान भी एक गुनाह हैं,*

*जिसे तैरना सिखाओ, वही डुबाने को तैयार रहता हैं.*
*🙏पं आनन्द मिश्रा🙏*

Friday, 18 May 2018

268

268. कितने खुदगर्ज निकले तुम, काम अपना निकला तो  बिसार दिये गये हम,
वक्त इतना भी अागे नहीं निकला अभि, ये जान जाओगे तुम॥

Thursday, 17 May 2018

267

267. खामोश हूं, तुम्हें देखकर-ए-जनाब, "अभि" चुप्पी टुटी तो सैलाब आयेगा......

Wednesday, 16 May 2018

266

266. मजबूर मत करो साहब, ''अभि'' लम्‍बा वक्‍त गुजर गया अपने आपको दिखाये....

abhi: Status

abhi: Status: इतिहास गवाह है अधिकतर सत्ता परिवर्तन में सेनापति योगदान रहा है ��