Saturday, 19 May 2018

Anand Mishra

*'खुदगर्ज की बस्ती में, एहसान भी एक गुनाह हैं,*

*जिसे तैरना सिखाओ, वही डुबाने को तैयार रहता हैं.*
*🙏पं आनन्द मिश्रा🙏*

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