Date 12-4-2016
A-211. झेल नहीं पाये इसलिये उठ गये, "अभि" सजा भुगत रहा हूं मैं 😜 😜
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A-210. देखा ही क्या है, "अभि" अ को जीत ही लेगा 😄 😄 😄 😄
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A-209. भटक गया था तेरी चकाचौंध में,
कुछ हासिल ना कर सका मैं,
तेरी चाहत में क्या क्या न करा मैंने,
"अभि" सही रास्ता मिल गया मुझे ॥😄 😄 😄 😄
Date 11-4-2016
A-208. करता ना मैं गलती तो भगवान होता,
ना दोस्त, ना अपने, ना अपनापन होता,
आत्मसम्मान तो इन्सान को भी प्यारा है,
"अभि" संस्कारों में बंधा नहीं होता।।
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A-207. देखकर तुझे मिलता आराम मुझे, 😄 "अभि" रोज रोज कैसे आऊ
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A-206. मोहब्बत ओर नफरत "अभि" शिद्दत से करता हूं 😄 😄
Tuesday, 12 April 2016
11 April to 12 april 16
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