Sunday, 12 June 2016

13 jun 2016 no 183 to 184. S-1

Date 13-06-2016
184. S-1 तुम मिली लगा सब मिल ही गया, जैसे सारा जहां मिल गया, तेरा मुस्कराना याद है हमें, झगडकर हमसे मनाना याद रह गया 😄 😄 😄
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183. तुम ही चाहती थी 'ना, मैं लिखता रहूं तो पढ लेना "अभि" लिख रहा हूं एक दास्तां....... ✍🏻✍🏻✍🏻

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