Date 13-06-2016 184. S-1 तुम मिली लगा सब मिल ही गया, जैसे सारा जहां मिल गया, तेरा मुस्कराना याद है हमें, झगडकर हमसे मनाना याद रह गया 😄 😄 😄 ++++ 183. तुम ही चाहती थी 'ना, मैं लिखता रहूं तो पढ लेना "अभि" लिख रहा हूं एक दास्तां....... ✍🏻✍🏻✍🏻
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