Saturday, 11 June 2016

9 jun 16 to 11 jun 2016 no. 174 to 181

Date 11-06-2016
181. खेल खेल लिया या "अभि" ओर खिलोने बाकी है 😜 😜 😜
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180. ढूंढ रहे हो मुझे बाहर अपने मन मे झंक लिया होता, "अभि" को पहचान की ओर "रवि" को प्रकाश की जरूरत नहीं होती 😜 😜 😜

Date 10-06-2016
179. तुझे देखते ही देखते याद आ जाता है, कि "अभि" हमें भी कोई देख रहा है...😜 😜 😜
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178. ना देख कातिल अदाओं से इस तरह, विचार बदल गया "अभि" तो कयामत आ जायेगी 😄 😄 😄
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177.नजरे "अभि" भी वहीं पर है मेरी, दूर तक सोच नहीं पाता हूं ना 😄 😄 😄
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176. हूं अकेला साथ ले लो,भटक गया "अभि" तो दोबारा न मिलुंगा 😜 😜 😜
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175. थी बेखुदी जो बढता चला गया मैं, "अभि" रूक गया हूं होश आने पर 😄 😄 😄

Date 09-06-2016
174. ये क्या हो गया कल वक्त मेरा नहीं था आज "तेरा" नहीं, पर "अभि" "इतना" समझ गया हूं वक्त किसी को छोड़ता नहीं 😜 😜 😜

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